18.5.06

दर्द

ज़िन्दगी एक दर्द है ।
कभी न खत्म होने वाला,
अनंत तक
चलते चले जाने वाला
दर्द ।


हर खुशी
एक दर्द है -
दो पल में
खुशी खत्म हो जाने का दर्द ।
मिलन भी
एक दर्द है -
मिलकर बिछड़ जाने का दर्द ।

प्रेम भी एक दर्द है -
अपने प्रिय में
लीन न हो पाने का दर्द,
एक आत्मा होकर भी
दो अलग अस्तित्व
होने का दर्द,
अपने प्रिय के दर्द को
न ले पाने का दर्द ।

हर साँस
एक दर्द है -
हर साँस के साथ
ज़न्दगी के हर दर्द को
जीते रहने का दर्द ।

ज़िन्दगी एक प्यास है -
प्यास स्नेह की,
अपनापन की,
खुशी की,
अपनों को खुशी देने की,
दर्द के समापन की,
हर प्यास,
हर दर्द से दूर
अनंत में
कहीं विलीन हो जाने की ।

सीमा
२ नवम्बर, २०००

3.5.06

भँवर

रिश्तों का भँवर
और मैं
कागज़ की एक
छोटी सी नाव ।

सीमा
१२ सितम्बर, १९९९