10.1.07

चिठ्ठों की नई श्रृंखला

आप इस साल निफ्ट से जुड़े कुछ लेख लिखें। मसलन कैसे निफ्ट में
चयन होता है, कैसे कपड़े डिजाइन होते हैं, मास-प्रोड्कशन की तकनीक और डिजाइनर वियर
कपड़े बनाने की तकनीकियां कैसे अलग हैं। इस बारे में कोई जानकारी नहीं है अपने हिंदी
चिट्ठाजगत में!

निफ्ट में आयोजित एक फैशन शो

मैंने सोचा इस साल कविता के अलावा भी जो चिठ्ठे लिखने के बारे में सोचा था, तो इसी से शुरु करूँ । अनूप शुक्ला जी की बात भी रख लूँगी तथा अपना निजी अनुभव भी बाँटने का मौका मिलेगा । इसलिए अब मैं मेरी कृति पर अपने चिठ्ठों की नई श्रृंखला शुरु करूँगी जिसमें अनूप शुक्ला जी के सुझाव मुताबिक तथा इससे जुड़े विषयों पर लिखूँगी ।


इस नई श्रृंखला को शुरु करने से पहले इतना ही कहना चाहूँगी कि कपड़ों की एक अलग ही दुनियाँ है । आज कपड़े बनाने के अनगिनत तकनीक हैं; उन्हें सजा - सँवार कर, सिल कर, उपभोक्ता तक लाने के असीमित तरीके - कहीं दर्जी सिलता है तो कहीं थोक में लाखों की संख्या में बनाए जाते हैं । हमेशा कुछ न कुछ नया चलता रहता है इस दुनिया में । साथ ही चमक - दमक और फ़ैशन की रंग - बिरंगी दुनिया के पीछे बहुत मेहनत एवँ पसीना छुपा होता है जिनमें से कुछ पहलुओं को सामने लाने की मैं कोशिश करूंगी ।

अपनी टिप्पणियाँ एवँ सुझाव अवश्य दें ताकि मुझे मार्गदर्शन मिलता रहे और मैं आपकी रुचि मुताबिक एवँ जुड़े विषयों पर लिखती रहूँ ।

3 comments:

Vikas said...

hello seema...

u have very unique talent.which very few people have...ur good painter,clothes designer and nice poet...

Go on freind...never stop and never look backward

Take Care
Vikas{V}

Udan Tashtari said...

इंतजार है नई श्रृंखला का. शुभकामनायें.

Ravi Kamdar said...

Its good that you are starting some new type of blog. Hindi Blog world requires different content.

But make sure you update new blogs on time because I started few blogs and now not maintaining them so they died!!