26.5.07

कुछ और तस्वीरें - निफ्ट दिल्ली के 'फ़ैशनोवा' की

यहाँ कुछ और तस्वीरें हैं १८ मई को निफ्ट दिल्ली के 'फ़ैशनोवा' की जिसे होटल अशोक में आयोजित किया गया था ।


जिस कंपनी में मैं कार्यरत हूँ, उस कंपनी ने एक छात्रा को कपड़े, सुविधाएँ, आदि प्रदान कर प्रायोजित किया था । सो मैं तो इस बार प्रायोजक बनकर फ़ैशन-शो देखने गयी थी अपनी बिटिया के साथ ।

किसी भी कला / डिजाइन पाठ्यक्रम में छात्र-छात्राओं के काम का, कला का प्रदर्शन किया जाता है, 'पोर्टफोलिओ' बनाया जाता है,
निफ्ट में भी यह सब होता है । साथ ही फ़ैशन-डिज़ाइनट या किसी भी वस्त्र या परिधान डिजाइन पाठ्यक्रम में उनका प्रदर्शन चलते-फिरते इंसानों के उपर सबसे अच्छी तरह से किया जा सकता है ।


यहाँ प्रदर्शित सारे परिधान आम ज़िन्दगी में पहने जाने वाले हों, यह जरूरी नहीं । कुछ परिधान सिर्फ़ अपनी कल्पना और कलात्मकता दर्शाने कि लिए भी बनाए जाते है । ( जो कि आम तौर पर कई बार विवादास्पद विषय बन जाता है ) ।
छात्र-छात्राओं के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण दिन होता है - सिर्फ़ इसलिए नहीं कि इस दिन उनके काम का, कलात्मकता का प्रदर्शन होता है, बल्कि इसलिए भी कि औपचारिक तौर पर इस दिन उनका पाठ्यक्रम समाप्त हो जाता है । इसके बाद शुरू होता है एक नया सफर .... किसी की नौकरी, कोई व्यवसाय, किसी का स्वतंत्र कार्य । तब शुरू होती है रोजी-रोटी के साथ भीड़ में अपना एक स्थान बनाने के लिए सफर और मेहनत।

21.5.07

निफ्ट दिल्ली की 'फ़ैशनोवा'

१८ मई, २००७, निफ्ट, दिल्ली के २० छात्र-छात्राओं ने होटल अशोक में 'फ़ैशनोवा' में अपने डिज़ाइन संग्रह प्रस्तुत किए । प्रस्तुत हैं कुछ तस्वीरें ।


निफ्ट के डिज़ाइन पाठ्यक्रम के अंत में, आखिरी सत्र, एक डिज़ाइन संग्रह को सोचने, बनाने और फ़ैशन-शो के माध्यम से प्रस्तुत करने के लिए समर्पित होता है ।


सभी छात्र-छात्राएँ अपनी पसंद का विषय / 'थीम' चुनते हैं और उसी को लेकर अपना पूरा संग्रह बनाते हैं । फ़ैशन-शो के चमक-दमक के पीछे उन छात्र-छात्राओं की कई महीनों, दिनों और रातों की सोच और मेहनत होती है । और उसी के बाद वह युवा 'फ़ैशन-डिज़ाइनर' कहलाते हैं ।

फ़ैशन-शो के चमक-दमक के पीछे उन छात्र-छात्राओं की कई महीनों, दिनों और रातों की सोच और मेहनत होती है । और उसी के बाद वह युवा 'फ़ैशन-डिज़ाइनर' कहलाते हैं ।



यह हैं निफ्ट, दिल्ली युवा 'फ़ैशन-डिज़ाइनर' । इसी तरह हर केंद्र में फ़ैशन-शो आयोजित होता है । फ़ैशन-शो के बाद कुछ छात्र-छात्राओं को पुरस्कार भी दिया गया ।

14.5.07

मेरे कैमरे से निफ्ट की कुछ तस्वीरें - विवरण

आज काफ़ी दिनों के बाद लिख रही हूँ । मेरे कैमरे से निफ्ट की कुछ तस्वीरें मैंने अपने पिछले चिठ्ठे में दिखाए । उद्देश्य यह था कि उसके बाद वाले में उनके बारे में कुछ लिखूँ । दरसल तस्वीरें पुरानी हैं और उनके बारे में मैंने अपने अंग्रेजी चिठ्ठे पर पहले लिखा था जो यहाँ पढे़ जा सकते हैं ।

इनमें से कुछ तस्वीरें हैं
निफ्ट मुम्बई के नए परिसर की । मैं जब छात्रा थी तब तो यह परिसर नहीं था । दादर में टाटा मिल्स के परिसर के एक हिस्से में तब निफ्ट मुम्बई हुआ करता था । कुछ लोगों को तस्वीरें फ़्लिकर में होने के कारण नहीं दिखाई दे रही हैं इसलिए दोबारा यहाँ दे रही हूँ ।



कुछ और तस्वीरें हैं पिछले साल निफ़्ट दिल्ली में हुए 'फ़ैशन स्पेक्ट्रम' की जो निफ़्ट में होने वाने उत्सवों में से एक है । अलग-अलग कार्यक्रमों के अलावा छात्र-छात्राओं द्वारा फ़ैशन-शो भी आयोजित किया गया था जिसमें सभी कुछ उन लोगों ने ही किया था । ज्यादा लिखने के बजाए तस्वीरों के माध्यम से बोलना अधिक पसंद करूँगी ।