28.5.08

मेरा गाँव

बाल-उद्यान पर मेरे गाँव की तस्वीरें : मेरे देश की धरती..




(और यह तस्वीरें मैंने नहीं खींची है )

3 comments:

अबरार अहमद said...

बहुत अरसे बाद सरसो के फूल दिखाई दिए। बधाई अच्छी तस्वीरें हैं।

अभिषेक ओझा said...

तस्वीरें तो ठीक... पर ये भी बता देतीं की गाँव कहाँ है तो अच्छा होता.

Udan Tashtari said...

बढ़िया तस्वीरें-चाहे जिसने खींची हों. :)