14.12.07

कुछ नई प्रविष्टियाँ

कुछ नई प्रविष्टियाँ :-


* हिन्द-युग्म पर मेरी कविता : बादल का एक टुकड़ा

मैं
बादल काएक
टुकड़ा हूँ
और तुम
बरखा की शीतल बूँदें.... [ पूरा पढ़ें ]


* बाल-उद्यान पर - देखो मैने आटा गूँधा...




* यह विडियो जिसमें तेजल के स्कूल में हुए कार्यक्रम में उसने कविताएँ सुनाई थी । और यह रही स्कूल की कुछ और तस्वीरें...




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