education लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
education लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

14.9.15

'हिन्दी दिवस' की हार्दिक शुभकामनाएँ

'हिन्दी दिवस' की हार्दिक शुभकामनाएँ |


१४ सितम्बर को हम हिन्दी दिवस के रूप में मनाते हैं, यह आपको ज्ञात होगा | राष्ट्रीय फैशन टेक्नोलॉजी संस्थान, चेन्नई, में १० से २३ सितम्बर २०१५ तक हिन्दी पखवाड़ा  मनाया  जा रहा है । इस अवसर पर हिन्दी समिति और साहित्यिक संघ, निफ्ट, चेन्नई, द्वारा निफ्ट परिसर में छात्र, कर्मचारी एवं शिक्षकों के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं | सभी प्रतियोगिताओं के लिए नकद पुरस्कार जीता जा सकता है |
  • पोस्टर डिजाइन प्रतियोगिता
  • लघु कहानी / सृजनात्मक लेखन 
  • हिन्दी कविता प्रतियोगिता
  • निबन्ध 
  • प्रश्नोत्तरी
  • हिन्दी सुलेखन 
  • रचनात्मक विज्ञापन

मुझे यह बताते हुए ख़ुशी हो रही है कि २३ सितम्बर २०१५ को पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह के साथ साथ निफ्ट, चेन्नई, में मेरी हिन्दी कविता-संग्रह “पराग और पंखुड़ियाँ” का पुस्तक विमोचन भी किया जाएगा । 

6.6.11

डिजाईन, ग्राफिक्स और परिधान की कार्यशाला

गर्मियों का मौसम अन्दर बैठ कर कुछ पढने - सीखने का अच्छा समय होता है | छात्रों की तो छुट्टियां चल रही है पर मैं पिछले साल की तरह कुछ कार्यशाला चलाने की तैयारी करा रही हूँ  'इंस्टिट्यूट ऑफ़ अपैरल मैनेजमेंट' , गुडगाँव में | 

कुछ जानकारी यहाँ मेरे अंग्रेज़ी चिठ्ठे पर भी है  | जो कार्यशाला मैं करवा रही हूँ, उनमें से एक टी-शर्ट के ग्राफिक कला के ऊपर है, तो दूसरी एक चित्र / डिजाईन से परिधान की बारीकियां समझने और बनाने (टेक - पैक बनाने ) के ऊपर है ताकि एक डिजाईनर अपनी कृति को वास्तविक परिधान में परिवर्तित करवा सके | डिजाईन, ग्राफिक्स और परिधान की बारीकियों में जो रुचि रखते हैं, वो इन कार्यशालाओं में भाग ले सकते हैं | अधिक जानकारी यहाँ भी मिल सकती है | 

28.12.10

'अपैरल डिजाईन एंड मरचैनडाईजिंग' - क्षात्रों का प्रदर्शन

२०१० समाप्त होने जा रहा है | छात्रों के प्रथम सत्र की परीक्षाएं भी समाप्त हो गयी हैं | 'इंस्टिट्यूट ऑफ़ अपैरल मैनेजमेंट' , गुडगाँव, के 'अपैरल डिजाईन एंड मरचैनडाईजिंग', स्नातक के प्रथम सत्र के क्षात्रों ने अपना काम प्रदर्शित किया जिसके आधार पर उन्हें अंक दिए गए | उन्हें मैं चित्रकला (डिजाईन ड्राईंग) तथा डिजाईन के मूल तत्व (एलीमेंट्स ऑफ़ डिजाईन) पढ़ाती हूँ |  कई क्षात्रों का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा जबकी कई क्षात्र और अच्छा कर सकते थे अगर उन्होंने थोड़ा और समय और ध्यान दिया होता | नीचे है उनमें से कुछ प्रदर्शित कृतियाँ | 


14.12.07

कुछ नई प्रविष्टियाँ

कुछ नई प्रविष्टियाँ :-


* हिन्द-युग्म पर मेरी कविता : बादल का एक टुकड़ा

मैं
बादल काएक
टुकड़ा हूँ
और तुम
बरखा की शीतल बूँदें.... [ पूरा पढ़ें ]


* बाल-उद्यान पर - देखो मैने आटा गूँधा...




* यह विडियो जिसमें तेजल के स्कूल में हुए कार्यक्रम में उसने कविताएँ सुनाई थी । और यह रही स्कूल की कुछ और तस्वीरें...




12.2.07

रायबरेली में निफ्ट

http://niftindia.com/downloads/NIFT%20ADVT.pdf


निफ्ट की स्थापना १९८६ में भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत दिल्ली में किया गया था । निफ्ट की इन परिसरों में - दिल्ली, बँगलौर, चेन्नई, गाँधीनगर, हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई, अब रायबरेली भी जुड़ने जा रहा है । रायबरेली में निफ्ट की आज शुरूआत - यहाँ देखें

निफ्ट से परिचय और सफ़र की शुरूआत

चिठ्ठों की नई श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए यहाँ लिख रही हूँ ।

जब मैंने १९९५ में शब्द-जाल लिखा था तब कदापि यह सोच कर नहीं लिखा था कि कुछ ही दिनों में मैं वास्तविक ताने-बाने, सूत और कपड़े के बारे में पढ़ूँगी और वही मेरा व्यवसाय और कार्य-क्षेत्र हो जाएगा । शब्द-जाल पर प्रियंकर जी की टिप्पणी है :

"कविता से यह प्रकट होता है कि रचनाकार का संबंध फ़ैशन टेक्नोलॉजी से है. आखिर कबीर की रचनाओं में भी तो ताना-बाना जैसे शब्द और चदरिया बुनने के प्रसंग आते हैं."

जब शब्द-जाल लिखा था तब फ़ैशन टेक्नोलॉजी से कोई संबंध नहीं था और न अधिक जानकारी थी थी इस क्षेत्र के बारे में । यह इस क्षेत्र में आने से पहले लिखा था । संयोग कह लीजिए या कुछ और .. दरसल +२ में मैंने विज्ञान विषय पढ़े थे । आम धारणा यह थी कि अगर कोई अपनी पढा़ई और भविष्य के प्रति जागरूक है तो वह या तो अभियंता बनेगा या चिकित्सक .. और कोशिश मेरी भी उसी तरफ थी, चाहे रूचि न भी थी । पर +२ के उन दो सालों में लगा मेरा रूझान कला की तरफ है और मैंने अपने मन की बात सुनने का निर्णय लिया ।

स्नातक के विषय थे चित्रकला (विशेष) और अंग्रेजी साहित्य तथा दोनों में मुझे बेहद रूचि थी। फिर निफ्ट या कपड़ों के क्षेत्र में कैसे पहुँच गई ?

स्कूल में एक सहेली थी जो कभी-कभी कहती थी कि उसे 'निफ्ट में पढ़ना है ... तब शायद पहली बार लगा कि मेरे जैसे मध्यमवर्गीय परिवार और छोटे शहरों मे रहने वाले लोग भी निफ्ट के बारे में सोच सकते हैं । निफ्ट के बारे में पढ़ा और सुना जरूर था पर उन दिनों मध्यमवर्गीय परिवारों में उसे जीविका का माध्यम बनाने के लिए उतना प्रोत्साहित नहीं किया जाता था और न लोगों को ज्यादा जानकारी थी ।

खैर, मुझे भी चित्रकला के माध्यम से नौकरी या रोजी-रोटी का जरिया पता नहीं था । बचपन से कोई व्यावसायिक कोर्स करने का लक्ष्य था और लोग डाक्टर - इंजीनीयर बनने की अपेक्षा रखते थे ... जिसमें मुझे रूचि नहीं थी । मैंने सोचा निफ्ट में भी तो व्यावसायिक कोर्स हैं; चित्रकला न सही, डिजाइन का क्षेत्र तो है, रचनात्मक क्षेत्र तो है, और रोजी-रोटी की भी चिंता भी नही रहेगी क्योंकि निफ्ट नौकरी दिलवाने में भी मदद करती है (campus placement के द्वारा) । बस चली गई प्रवेष-परीक्षा देने ।

निफ्ट में कई तरह के विषय हैं और स्नातक तथा स्नातकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रम भी हैं । समय के साथ पाठ्यक्रम और विषयों और प्रवेश परीक्षा, आदि, में परिवर्तन होते रहते हैं । प्रवेश परीक्षा अखिल भारतीय स्तर के होते हैं । २००७ की प्रवेष परीक्षा और नियमों के बारे में अधिक जानकारे के लिए यहाँ देखें


** २००७ की प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन पत्र खरीदने की आखिरी तरीख है १७ फरवरी '०७ ।

* निफ्ट के बारे में अधिक जानकारी के लिए देखें : http://niftindia.com/
बाकी मेरे अगले चिठ्ठे में जारी रहेगा । अपनी प्रतिक्रियाएँ और अगर कोई प्रश्न हो तो अवश्य लिखें ।

प्रकृति और पंक्षियों को अर्पित मेरी कृति

प्रकृति और पंक्षियों को अर्पित - वस्त्रों ( टी-शर्ट्स ) के लिए मेरी कृति : वीडियो - प्रकृति और पंक्षियों से प्रेरित डिज़ाइन:  और पढ़ें ... फ...