6.2.06

ख्वाब

लोग
ख्वाबों से हक़ीकत
बुनने की कोशिश करते हैं /

मैं अकसर कोशिश करती हूँ
हक़ीकत में
ख्वाबों को ढूँढ सकूँ /

- सीमा
६ फरवरी, २००६

1 comment:

अनूप भार्गव said...

अच्छी लगी आप की कविता !