प्रकृति की सुन्दरता फूलों से | स्क्रीन सेवर बनाएं और आनंद लें

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सन्नाटा

सन्नाटे की बात पर कुछ पंक्तियाँ और भी :-

सन्नाटे को
कर लूँ बंद
मैं मुठ्ठी में
बार - बार क्यों
ऐसी ख्वाहिश होती है ?

अन्धकार पर
कर लूँ कब्जा
मन की क्यों
ऐसी कोशिश होती है ?

- सीमा
१७/०२/०३, दि.

टिप्पणियाँ

Udan Tashtari ने कहा…
बहुत बढिया है।
बधाई।

मेरी भी दो पंक्तियां;

सन्नाटा भी मेरी
अपनी कहानी सुनाता है,
उनकी आहट भी जो आये
तो शरमा के छुप जाता है।

--समीर लाल
Vikash ने कहा…
nice one :)
Kaunquest ने कहा…
wah! nice one

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