14.12.07

कुछ नई प्रविष्टियाँ

कुछ नई प्रविष्टियाँ :-


* हिन्द-युग्म पर मेरी कविता : बादल का एक टुकड़ा

मैं
बादल काएक
टुकड़ा हूँ
और तुम
बरखा की शीतल बूँदें.... [ पूरा पढ़ें ]


* बाल-उद्यान पर - देखो मैने आटा गूँधा...




* यह विडियो जिसमें तेजल के स्कूल में हुए कार्यक्रम में उसने कविताएँ सुनाई थी । और यह रही स्कूल की कुछ और तस्वीरें...




27.10.07

नन्हा सा पल

हिन्द-युग्म पर नन्हा सा पल :

मेरे एक पल ने
आज फिर मुझसे कहा है
मैं तुम्हासरे संग
अपना वह
नन्हा सा पल बाँट लूँ
जो अब तक
बस मेरा होकर रहा है ।
वह पल
जिसमें सिर्फ मैं हूँ,
वह नन्हें कण सा
नन्हा पल .... [ पूरा पढ़ें
]

3.10.07

कविता

आज सुबह-सुबह हिन्द-युग्म पर कविता पोस्ट करना था और मैं अपनी डायरी भूल आई थी घर पर । सोचा कुछ नया लिखूँ तो एकदम से माँ की याद आई और यह कविता लिखी - उड़ान । अधिक विश्लेशण नहीं किया, इसलिए कमियों को माफ कीजिएगा । यह कविता उड़ान मेरी माँ को समर्पित है ।


एक मित्र, जिसे हिन्दी पूरी तरह समझ नहीं आती, ने इस कविता का मतलब पूछा .. और अर्थ बताते-बताते इसे अंग्रेज़ी में अनुवाद कर दिया जो यहाँ पढ़ सकते है


एक बार हर लम्हा एक विस्मय लिखा था अंग्रेज़ी में (Each Moment is a Wonder ) और अनुवाद था हिन्दी में । इस बार हिन्दी में लिखकर अंग्रेज़ी में अनुवाद किया । आप भी पढ़कर बताइए ये दोनों प्रयास कैसे रहे ।

1.10.07

नन्हें खिलाड़ी :)



वैसे तो यह तस्वीरें मैं यहाँ प्रकाशित कर चुकी हूँ पर २०-२० वर्ल्ड कप जीतने के बाद मेरा फिर से यहाँ प्रकाशित करने का मन किया । बल्ला उठे या न उठे, ये खेलने को तैयार हैं .. तो आप भी इन नन्हें खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएँ ।

22.9.07

नई प्रविष्टियाँ

यह रही मेरी बिटिया जो माँ के लिए रोटियाँ बना रही है - और देखिए बाल-उद्यान पर ।




और यह कुछ पंक्तियाँ यूँ ही बैठे - बैठे .. कुछ गलतियाँ भी रह गई हैं ।

प्रकृति और पंक्षियों को अर्पित मेरी कृति

प्रकृति और पंक्षियों को अर्पित - वस्त्रों ( टी-शर्ट्स ) के लिए मेरी कृति : वीडियो - प्रकृति और पंक्षियों से प्रेरित डिज़ाइन:  और पढ़ें ... फ...