कविता संग्रह ‘पराग और पंखुड़ियाँ’ अब फ्लिपकार्ट और इन्फीबीम पर उपलब्ध मेरी कविता संग्रह ‘पराग और पंखुड़ियाँ’ अब फ्लिपकार्ट और इन्फीबीम पर भी उपलब्ध है । कृपया पढ़कर अपनी राय अवश्य दें: मेरी कविता संग्रह ‘पराग और पंखुड़ियाँ’ फ्लिपकार्ट और इन्फीबीम पर उपलब्ध जैसा कि मैंने अपने पिछले पोस्ट में लिखा था राष्ट्रीय फैशन टेक्नोलॉजी संस्थान, चेन्नई , में मनाए जा रहे हिन्दी पखवाड़ा 2015 के पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह के साथ मेरी (सीमा कुमार, सह आचार्य, निफ्ट, चेन्नई) हिन्दी कविता-संग्रह “पराग और पंखुड़ियाँ” का पुस्तक विमोचन भी किया गया। किताब का लोकार्पण निफ्ट, चेन्नई, की निदेशिका डॉ. अनिता मनोहर ने किया। विमोचन में संस्थान के उप निदेशक, मेरे पति एवं माता-पिता भी सहभागी रहे। किताब का प्रकाशन हिंद युग्म प्रकाशन, नई दिल्ली, ने किया है। विमोचन के दौरान निफ्ट, चेन्नई, की निदेशिका डॉ. अनीता मनोहर द्वारा हिन्द युग्म प्रकाशन के श्री शैलेश भारतवासी का स्वागत ...
टिप्पणियाँ
स्वर्णमयी हर घड़ी आपके पांव तले धरती हो
कचनारों की कलियां बूटे रंगें आन देहरी पर
नये वर्शः की संध्या प्रतिदिन सुधा बनी झरती हो.
राकेश
http://hindini.com/fursatoya
समीर जी, मैं खुद चाहती हूँ कि लिख्ने की रफ़्तार तेज हो । आपलोंगो का प्रोत्साहन मिलता रहा तो अवश्य लिखूँगी ।
अनूप जी, आपके सुझाव मुताबिक अवश्य लिखूँगी कुछ न कुछ । वैसे यह चिठ्ठा मैंने कविताओं के लिए शुरु किया था पर इस नए साला में लेख, आदि भी लिख्नने का सोच रही हूँ ।
bhara-bhara sa hogaa dekhe is dehleez par aur kitno ko makaam
milpaayega--sunder abhivyakti tamaashaye jaashan na ho iss uthaan ka bani rahe ye barsh aise hi prayaas...tak.Good to see ur blog. Thanku